बंगाल की खाड़ी पर डिप्रेशन कहाँ होगी भारी बारिश?
मौसम विशेषज्ञ देवेन्द्र त्रिपाठी के अनुसार, उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया है, जिससे ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। दिल्ली में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है, और मैदानी इलाकों में घने कोहरे की वजह से धूप का असर कम होने के कारण गलन काफी बढ़ गई है।
मौसम में इस बड़े बदलाव का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं और दक्षिण से आने वाली नमी वाली हवाओं का मिलना है। इस मेल की वजह से आसमान में सतह से ऊपर कोहरे की एक मोटी परत बनी हुई है, जो दोपहर तक टिकी रहती है। देवेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि जब तक यह कोहरा नहीं हटता और सीधी धूप नहीं पहुंचती, तब तक दिन के तापमान में सुधार की संभावना कम है। पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड में भी पाला पड़ने की चेतावनी दी गई है।
दक्षिण भारत की बात करें तो बंगाल की खाड़ी पर बना सर्कुलेशन अब डिप्रेशन में बदल गया है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुदुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। अगले 24 घंटों में इन क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है, जिसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। कर्नाटक और केरल के आंतरिक हिस्सों में भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।
मध्य और पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन यहां भी सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। देवेन्द्र त्रिपाठी के मुताबिक, हवाओं की गति और दिशा में हो रहे बदलावों के कारण ठंड का यह ‘डबल अटैक’ (दिन और रात दोनों समय कड़ाके की सर्दी) फिलहाल जारी रहेगा। किसानों और आम लोगों को इस बदलते मौसम और शीतलहर के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।