किसानों को नए साल का बड़ा तोहफा: खाते में 65 करोड़ की राशि और खेती के लिए नई योजनाएं
नए साल 2026 के अवसर पर केंद्र और उत्तराखंड सरकार ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मिलकर राज्य के किसानों के लिए करोड़ों रुपये के बजट और नई सुविधाओं का ऐलान किया है। इस पहल के तहत सबसे बड़ी राहत फसल बीमा के रूप में दी गई है, जहाँ मौसम आधारित फसल बीमा योजना के माध्यम से लगभग 88,000 किसानों के बैंक खातों में ₹65 करोड़ 12 लाख की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी गई है।
फसलों की सुरक्षा के लिए सरकार ने ‘घेरबाड़ योजना’ (Fencing Scheme) को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए ₹90 करोड़ का अतिरिक्त बजट जारी किया गया है। इस योजना के तहत किसान अपने खेतों के चारों ओर चेन लिंक या सोलर फेंसिंग लगाने के लिए सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के उन किसानों के लिए लाभकारी है जो जंगली सूअरों और बंदरों के आतंक से परेशान रहते हैं।
खेती को आधुनिक बनाने और बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने के लिए मुक्तेश्वर में एक हाईटेक ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ की स्थापना की जा रही है। यहाँ सेब, कीवी, माल्टा और नींबू जैसी फसलों के रोग-मुक्त और उन्नत किस्म के पौधे तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी की खेती के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और पौधे मिल सकें।
इसके अलावा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1706 करोड़ की लागत से सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। पीएमजीएसवाई-4 (PMGSY) के तहत बनने वाली ये सड़कें खेतों को सीधे मंडियों से जोड़ेंगी, जिससे किसानों का परिवहन खर्च कम होगा और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। कृषि मंत्री ने किसानों को ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग’ (एकीकृत खेती) अपनाने की सलाह दी है, जिसमें फल, सब्जी, पशुपालन और मछली पालन को साथ जोड़कर आय बढ़ाई जा सकती है।