राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर : सरकार ने दी बडी सौगात
दिल्ली सरकार के खाद्य और आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड धारकों की सुविधा के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। अब राशन कार्ड से जुड़े किसी भी काम के लिए लोगों को विधानसभा स्तर पर बने खाद्य आपूर्ति कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व विभाग के 13 जिलों के पुनर्गठन के साथ तालमेल बिठाते हुए, विभाग ने अपने नौ जिलों की संख्या बढ़ाकर 13 कर दी है। इसके तहत सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पुराने राशन दफ्तरों को बंद कर दिया गया है और अब सभी समस्याओं का समाधान जिला कार्यालयों में ही किया जाएगा।
विभाग के इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण राशन कार्ड की प्रक्रियाओं का पूरी तरह से डिजिटल होना है। अब राशन कार्ड के लिए आवेदन करने, परिवार के सदस्यों के नाम जुड़वाने या कटवाने जैसे सभी कार्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इसके अलावा, लोग हेल्पलाइन नंबर 1076 की सहायता से घर बैठे भी अपना काम करवा सकते हैं। जब मैनुअल प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, तो पुराने दफ्तरों को चालू रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया था।
इस नए बदलाव से आम जनता को बिचौलियों और दलालों के चंगुल से बड़ी राहत मिलेगी, जो अक्सर दफ्तरों के बाहर भोले-भाले आवेदकों को अपना शिकार बनाते थे। साथ ही, अब कार्यालयों में बैठने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे “इंस्पेक्टर राज” का अंत होगा। इस कदम से भ्रष्टाचार में कमी आएगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि विभाग लंबे समय से कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा था। अब सर्किल कार्यालयों में तैनात खाद्य संरक्षण अधिकारियों, इंस्पेक्टरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को जिला स्तर पर नियुक्त किया जाएगा। इससे विभाग को पर्याप्त मैनपावर मिलेगी और राशन कार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाओं में तेजी आएगी, जिससे सरकारी सेवाओं का लाभ आम जनता तक अधिक सुलभता से पहुँच सकेगा।