भारी बारिश का अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा सिस्टम, इन राज्यों में मूसलाधार बारिश के आसार
स्कायमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, वर्तमान में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं का तांडव जारी है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है, जहाँ बर्फीली हवाओं के कारण दिन के तापमान में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। दिल्ली और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में घने कोहरे और लो क्लाउड (निचले बादल) की वजह से धूप का असर बेहद कम है, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
दक्षिण भारत की ओर रुख करें तो, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में मौसमी हलचल काफी तेज है। महेश पलावत जी ने बताया कि एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है, जो अगले दो दिनों में डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके प्रभाव से 8 से 10 जनवरी के बीच श्रीलंका और दक्षिणी तमिलनाडु के हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। केरल और लक्षद्वीप के इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
पहाड़ी राज्यों (हिमाचल और उत्तराखंड) को लेकर विशेषज्ञ ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अगले एक सप्ताह तक वहां कोई बड़ा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं होने वाला है। इस वजह से पहाड़ों पर मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का प्रवाह जारी रहेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि धीरे-धीरे कोहरा छंटने लगेगा और आने वाले दिनों में धूप निकलने की अवधि बढ़ने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
महेश पलावत ने यह भी जानकारी दी कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा जैसे राज्यों में भी आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के निवासियों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समुद्री क्षेत्रों में हवाओं की गति तेज हो सकती है।